सुकमा हमला : BSF के पूर्व डीजी ने कहा, गलतियों से नहीं सीख रहे हैं CRPF अधिकारी । Sukma attack : CRPF authority not taking remedial action

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नई दिल्ली : छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित सुकमा जिले में नक्सलवादियों द्वारा एक बारूदी सुरंग में विस्फोट करने से सीआरपीएफ के 9 जवान शहीद हो गए, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हुए हैं. इस घटना में नक्सलियों ने सुरक्षा बलों के एंटी लैंडमाइन वाहन को अपना निशाना बनाया था. सीआरपीएफ पर हुए इस हमले को लेकर अब उल्टा सुरक्षा अधिकारियों की कार्यशौली पर सवाल उठने लगे हैं.  

नहीं सीख रहे हैं गलतियों से
सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के पूर्व डीजी एसके सूद ने कहा कि सुकमा इलाके में नक्सली सीआरपीएफ को लगातार निशाना बना रहे हैं. और बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मी मारे जा रहे हैं. इसका मतलब यह है कि सीआरपीएफ के आला अधिकारी इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि हमें अपनी गलतियों से सीखना चाहिए, ना कि उन्हें दोहराना चाहिए. 

हमले में उड़ा एंटी लैंडमाइन वाहन
जानकारी के मुताबिक, क्रिस्टारम थाने से सीआरपीएफ की 212वीं बटालियन के जवान एंटी लैंडमाइंस व्हीकल में सवार होकर गश्त पर निकले थे. इस इलाके में सड़क निर्माण का काम चल रहा है. यह बटालियन काम में लगे श्रमिकों को सुरक्षा देने के मकसद से गए थे, लेकिन यहां पहले से ही घात लगाए बैठे नक्सलियों ने सीआरपीएफ की गाड़ी को निशाना बनाते हुए बारूदी सुरंग में विस्फोट कर दिया. यह विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि इसमें बारूदी सुरंग रोधी वाहने के ही परखच्चे उड़ गए. मौके पर ही 8 जवान मारे गए जबकि एक अन्य घायल जवान ने अस्पताल में दम तोड़ दिया. दो अन्य घायलों का उपचार चल रहा है. 

जवानों पर इस हमले को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने चिंता जताते हुए छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ अधिकारियों से बात की और हालात का जायजा लिया. उन्होंने सीआरपीएफ के डीजी को फौरन घटना स्थल पर जाकर हालात का जायजा लेने के निर्देश दिए. 

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पिछले साल हमले में 25 जवान शहीद हुए
सुकमा में ही पिछले साल अप्रैल में नक्सलियों ने सुरक्षाबलों पर बड़ा हमला किया था. इस हमले में 25 जवान शहीद हुए थे. बताया गया था कि 300 नक्सलियों ने सीआरपीएफ पर हमला किया. इन नक्सलियों में बड़ी संख्या में महिला नक्सली भी शामिल थीं. 74वीं बटालियन की दो कंपनियों को बुरकापाल से चिंतागुफा के मध्य बन रही सड़क की सुरक्षा के लिए रवाना किया गया था. दल जब बुरकापाल से लगभग डेढ़ किलोमीटर की दूरी पर था तब नक्सलियों ने पुलिस दल पर गोलीबारी शुरू कर दी. साल 2010 में सुकमा में हुए नक्सली हमले में सीआरपीएफ के 76 जवान मारे गए थे.